क्या रोज पढ़ने से होते है फायदे, जानिए 10 बड़े फायदे, क्या जानते हैं आप ?

पढ़ने

 

कहते है पढाई जीवन का आधार है, रोज पढ़ने वाले लोग मानसिक रूप से स्वस्थ होते है. उनकी आकलन क्षमता न पढ़ने वाले लोगो से कही गुना अच्छी होती है. अकसर लोग या तो शौक से या किसी मकसद से कोई पुस्तक पढ़ते हैं. लेकिन उनको यह पता नहीं होता है कि वास्तव में study करने से स्वास्थ्य संबंधी कई फायदे होते हैं. अगर आप नियमित रूप से नहीं पढ़ते हैं तो आपको इसे शौक के तौर पर शुरू करना चाहिए.

हर दिन एक किताब के कुछ पन्ने पढ़ने की धीरे-धीरे आदत डालें. जल्द ही आपको पढ़ने की ऐसी आदत पड़ जाएगी कि आप मूवी की बजाए किताब पढ़ने को तरजीह देंगे.

आइये आज जानते हैं कि रोज पढ़ने से क्या फायदे होते हैं…

 दिमाग का अभ्यास होता है.

 पढ़ने में आपके दिमाग का अभ्यास होता है.

पढ़ने के दौरान आपका दिमाग जितना उत्तेजित होता है, उतना टी.वी. देखने या रेडियो सुनते वक्त नहीं होता है.

 जाहिर सी बात है जब दिमाग का अभ्यास होगा तो दिमाग स्वस्थ भी रहेगा.

पढ़ने से तनाव कम करने में मदत होती है.

तनाव के स्तर को कम करने के लिए study करना एक असरदार तरीका है.

क्योंकि एक अच्छी स्टोरी में आप खो जाते हैं और आपका दिमाग कहीं और चला जाता है.

इससे तनाव कम होता है.

पढ़ने से रात में बेहतर नींद आती है.

 पढ़ने से आप रिलैक्स फील करते हैं इससे सही नींद आती है.

वास्तव में इलेक्ट्रॉनिक्स की कृत्रिम लाइट आपके दिमाग को संकेत देती है कि अभी जागने का समय है.

इसलिए जब आपको सोना हो तो उससे एक घंटे पहले टेलीविजन, सेल फोन या लैपटॉप से परहेज करें.

एक किताब उठाकर करीब एक घंटे पढ़ें.

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याददाश्त मजबूत और तेज होती है.

जब आप फिक्शन पढ़ते हैं तो आपका दिमाग कहानी के सभी कैरक्टर, सारी घटनाओं और कहानी के प्लॉट को याद रखता है.

यानी रोजाना पढ़ने का मतलब अपनी याददाश्त का अभ्यास कराना है.

अभ्यास से चीजें मजबूत होती हैं. इसलिए रोजाना पढ़ने से आपकी याददाश्त मजबूत होती है.

आपको शांत और संयमित करता है.

 आपको रिलैक्स फील होने के अलावा पढ़ने से आपके अंदर एक तरह की शांति और सुकून का भाव पैदा होता है.

स्टडीज में यह बात सामने आई है कि आध्यात्मिक या धार्मिक पुस्तक पढ़ने से ब्लड प्रेशर कम होता है.

जिससे आप शांत होते हैं.

एकाग्रता  बढाती है पढाई .

पढ़ने से आपके अंदर एकाग्रता बढ़ती है.

क्योंकि जब आप पढ़ रहे होते हैं तो आपका ध्यान एक ही तरफ केंद्रित होता है.

आज के जमाने में हमारा दिमाग कई कामों में बंटा होता है, हमें अपना काम करना होता है तो अपने फोन भी चेक करने पड़ते हैं.

 लोगों से बात करनी पड़ती है. इससे हमारा एकाग्रता स्तर कम होता है.

प्रॉडक्टिविटी में गिरावट आती है. हर दिन थोड़े समय तक पढ़ने से इस तरह की चीजों से छुटकारा पाया जा सकता है.

मिलती है प्रेरणा.

इंग्लैंड में की गई एक स्टडी में यह बात सामने आई कि 60 फीसदी प्रतिभागियों का मानना था कि पढ़ने से उनके जीवन में कुछ बेहतर करने के लिए प्रभाव पड़ा है.

 study के दौरान आप कैरक्टर के इमोशन को महसूस करते हैं. इससे आपके अंदर बड़ा बदलाव आता है.

आपके पास शब्द का भंडार बढ़ता है.

पढ़ने से ज्ञान के साथ-साथ शब्द भंडार भी बढ़ती है.

पढ़ने के दौरान आपके सामने कई शब्द आते हैं जो आपके दिमाग में स्टोर हो जाते हैं.

 खुद से आपकी स्पीच का हिस्सा बन जाते हैं.

शब्दों का सही भंडार होने से आपनी बात स्पष्ट ढंग से रखने की कला आप में विकसित होती है जो आपके पेशे के लिए फायदेमंद होगा.

आपकी विश्लेषण क्षमता में गजब का इजाफा होता है.

जब आप किताब पढ़ते हैं तो अकसर यह महसूस कर लेते हैं कि अंत में क्या होगा.

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि लेखक आपके लिए कई क्लू छोड़ देता है.

जिसे आपका दिमाग एक साथ जोड़ता है और दिमाग में कहानी के अंत की तस्वीर उभरती है.

                                   इस प्रक्रिया से आपकी क्रिटिकल थिंकिंग और ऐनालिटिकल स्किल्स बढ़ती है. इन स्किल्स का इस्तेमाल जीवन के अन्य मैदान में किया जा सकता है और साथ ही अपने परफॉर्में में सुधार के लिए भी इसका इस्तेमाल फायदेमंद रहेगा.

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