How to open a PPF (Public Provident Fund) Account? Know its rules and benefits.

हमने EPF के बारे मे सुना है। यानि Employee Provident fund किसी भी सरकारी या प्राइवेट मे जॉब करने वाले व्यक्ति का EPF अकाउंट होता है। लेकिन बहोत कम लोग PPF के बारे मे जानते है। तो PPF (Public Provident Fund) होता क्या है। आखिर इसमे किस तरह से हम पैसा इन्वेस्ट कर सकते है। कैसे अकाउंट open किया जाता है PPF अकाउंट का? इन सभी प्रश्नो के उत्तर इस पोस्ट मे देने की कोशिश हमने की है।

PPF  (Public Provident Fund) क्या है? 

इतने सालो बाद भी निवेशको के लिए PPF (Public Provident Fund) पैसो को सेव करने का पसंदीदा तरीका है। PPF मे guarantee रिटर्न और टैक्स फ्री रिटर्न मिलने की वजह से इसमे इन्वेस्ट करना बहोत लोग पसंद करते है। PPF (Public Provident Fund) में निवेश किया गया धन  प्रिंसिपल आयकर अधिनियम, 1 9 61 की धारा 80 सी के तहत कटौती के लिए अर्हता प्राप्त करता है। अर्जित ब्याज धारा 10 के तहत टैक्स छूट इस स्कीम मे मिलती है। आज फ़िक्स्ड डिपॉज़िट मे मिल रहे इंटरेस्ट की कमी के चलते PPF एक बहोत अच्छा विकल्प है।

PPF (Public Provident Fund)की स्कीम 15 साल की होती जिसे 5 साल के ब्लॉक मे विभाजित किया जाता है। PPF का अकाउंट पोस्ट ऑफिस मे या फिर किसी भी नेशनल बैंक मे खोला जा सकता है। कुछ चुनिन्दा बैंक मे इसे ऑनलाइन भी खोला जाता है।

आप किसी भी PPF अकाउंट को पोस्ट ऑफिस से बैंक अकाउंट या फिर बैंक अकाउंट से पोस्ट ऑफिस मे ट्रान्सफर कर सकते हो। किसी भी उम्र का व्यक्ति PPF अकाउंट खोल सकता है और EPF अकाउंट होते हुये भी ये खोल सकते है।
इस स्कीम मे ज़्यादातर एक साल मे 12 गुना डिपॉज़िट कर सकते है।

लेकिन पूरे महीने का ब्याज प्राप्त करने के लिए महीने के 5 तारीख से पहले जमा करना याद रखें, क्योंकि 5 वें दिन के बाद और महीने के अंत मे खाते के क्रेडिट पर सबसे कम शेष राशि पर ब्याज आका जाता है। कई investors एक साथ ही पूर्ण साल भर की रकम एक किश्त मे अदा कराते है। PPF मे ऋण लेने और योजना से कुछ रकम निकालने के प्रावधान भी हैं। टैक्स सेविंग करने के उद्देश से, कई लोग पीपीएफ खाता खोलने की तलाश में हैं।

पीपीएफ ब्याज दर  (PPF Effective interest )

PPF (Public Provident Fund) Investment एक स्वतंत्र योजना जिसका किसी भी शेर मार्केट इक्विटि से संबंध नहीं है। यानी रिटर्न स्टॉक मार्केट प्रदर्शन से जुड़ा नहीं है। PPF पर सभी ब्याज दर सरकार द्वारा तय किए जाते है। गवर्नमेंट सेकुरिटी पर मिलने वाले फायदे पर यह निर्भर कराते है। 1969-69 मे सरकर की और से पीपीएफ़ मे 4% ब्याज दर मिलता था। जिसे बढ़ाकर 1986 -2000 के बीच मे 12% कर दिया गया था। आज 2018-19 के लिए पीपीएफ़ दर 7.6% पर है। इस स्कीम के चलते सभी रकम टैक्स फ्री श्रेणी मे आती है। इसका फायदा बहोत सारे लोगो को मिलता है।

पीपीएफ़ डिपॉज़िट की सीमा (PPF Deposit limit)

अकाउंट को एक्टिव  रखने के लिए कम से कम 500 रुपये और ज्यादा से ज्यादा एक साल मे 1.5 लाख रुपये अकाउंट मे डिपॉज़िट होना जरूरी है।

कोई भी व्यक्ति पीपीएफ़ अकाउंट अपने नाम से या फिर किसी माइनर के नाम से गार्डियन को रखते हुये निकाल सकता है।

सेल्फ या फिर माइनर अकाउंट के लिए लिमिट एक ही है।

अगर किसी contributor की रकम 1.5 लाख रुपये से ज्यादा हो जाए, तो ज्यादा हुये डिपॉज़िट को किसी भी प्रकार नहीं गिना जाएगा।

इन रुपयो पर किसी भी प्रकार का ब्याज नहीं मिलेगा और सेक्शन 80C के तहत इन पैसो पर कोई टैक्स बेनेफिट्स नहीं मिलेगा।

ज्यादा दिया गया पैसा खाताधारक को वापस दिया जाएगा बिना किसी ब्याज के।

माइनर के नाम से पीपीएफ़ अकाउंट (PPF in the name of minor)

अगर माता पिता अपने 18 साल से कम उम्र के संतान का PPF अकाउंट बनाना चाहते है तो। 

वो बना सकते है इसके लिए गार्डियन के तौर पर माता या फिर पिता या फिर प्रौढ़ रिस्तेदार को रख सकते है।

माता पिता  एक ही बच्चे के नाम अलग अलग अकाउंट नहीं बना सकते।

एक व्यक्ति के नाम पर केवल एक ही पीपीएफ़ अकाउंट बना सकते है।

अगर Grandparents अपने पोते पोती का अकाउंट बनाना चाहते है, तो उनके माता पिता के जीवित रहते हुये नहीं बना सकते।

माता पिता की मौत पहले से होकर है, ऐसे समय पर ही Grandparents गार्डियन के तौर पर अकाउंट बना सकते है।

कितने अकाउंट बनाए एक व्यक्ति के नाम से (Number of accounts)

एक आदमी अपने नाम से केवल एक ही अकाउंट पोस्ट ऑफिस या फिर बैंक मे बनवा सकता है।

उसे यह घोषणा अपने application फॉर्म मे करना अनिवार्य है।

अगर आपका PPF (Public Provident Fund) अकाउंट किसी बैंक मे माजूद है।

उस बैंक मे आपका कोई भी PPF अकाउंट या फिर पोस्ट ऑफिस मे नहीं बनेगा।

अगर खाताधारक ने दो PPF (Public Provident Fund)अकाउंट गलती से बनाए है।

तो दूसरा अकाउंट ग्राह्य नहीं पकड़ा जाएगा।

दूसरे अकाउंट के ऊपर किसी भी तरह का टैक्स और ब्याज का फायदा आपको नहीं मिलेगा।

एक अकाउंट को बंद करने के लिए आपको मिनिस्टरी ऑफ फ़ाइनेंस मे पत्र देना होगा।

एक अकाउंट बंद करके दूसरे अकाउंट का सहमति पत्र लेना होगा।

अकाउंट बंद कैसे करे (Premature closure of PPF account)

किसी कारण वश खाताधारक अगर PPF अकाउंट को बंद करना चाहे तो वो कर सकता है।

लेकिन इसके लिए कम से 5 सालो तक आपका अकाउंट शुरू और नियमित होना आवश्यक है।

अगर खाताधारक बीमार हो या फिर खाताधारक के ऊपर निर्भर बच्चे, पत्नी माता पिता बीमार हो।

ऐसे समय मे कुछ बीमारी के कागजाद देकर पैसो का भुगतान पा सकते है।

पैसो की जरूरत खाताधारक या फिर माइनर खाताधारक को शिक्षा के लिए चाहिए। 

ऐसे समय मे डॉकयुमेंट की पुरतता करके पैसो को निकाला जा सकता है।

उच्च शिक्षा या फिर भारत के बाहर कही पढ़ने के लिए खाताधारक या माइनर जा रहा है। 

ऐसे समय मे PPF अकाउंट को पेरमानेंट बंद किया जा सकता है।

नामांकन (Nomination)

PPF फॉर्म (Form –A) के साथ नोमिनेशन फॉर्म भरना हो तो उसके लिए पीपीएफ़ फॉर्म के अलावा अलग से निमिनेशन फॉर्म भर के देना है। नॉमिनेशन फॉर्म के लिए पीपीएफ़ अकाउंट ओपन कराते समय Form-E भरना आवश्यक है।

Attachment

पीपीएफ खाता और इसकी शेष राशि अदालत द्वारा संलग्न नहीं की जा सकती है। इसलिए देनदार किसी के पीपीएफ खाते तक पहुंच नहीं सकते हैं। यदि कोई हो, तो बकाया का दावा किया जा सकता है। हालांकि, यह आयकर अधिकारियों पर लागू नहीं होता है और इसलिए पीपीएफ खाते में ग्राहक के क्रेडिट के लिए खड़ी राशि ग्राहक द्वारा किए गए ऋण या उत्तरदायित्व के संबंध में आयकर प्राधिकरणों के किसी भी आदेश के तहत अनुलग्नक के लिए उत्तरदायी है।

इस तरह से हमने जाना PPF अकाउंट के बारे मे आपको कुछ भी पूछना हो, कमेंट जरूर करे आपके सुझाव और सवालो का स्वागत है।

धन्यवाद !!!!

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