Nakaratmak soch se kaise bache ? Negative Thinking 6 TIPS (Secret)

Nakaratmak soch से कैसे बचे ?

दोस्तो आज हम बात करेंगे Nakaratmak soch के बारे मे. क्या दुनिया मे ऐसा कोई मनुष्य है, जिसके दिमाक मे नकारात्मकता न भरी हो।

थोड़े ही समय के लिए सही लेकिन यह सोच हमारे दिमाक मे आती तो है, हा लेकिन इसको सोचने से कुछ हद तक बचा जा सकता है। यह एक ऐसी सोच है जो कुछ भी करने से पहले एक न एक बार हमारे मस्तिस्क को छूती जरूर है,

क्या लगता है आपको इससे बच पाओगे ? मुझे लगता है हा जरूर बच सकते है। जरूरत होती है कुछ संयम और धैर्य की।

जब भी कोई कठीण या मुश्कील काम हमे सोपा जाता है। जो काम करणे से पहले हमे एक डर महसूस होने लगता है।

अगर निरंतर अपयश आने लगे तो उसी डर के कारण Negative Thinking हमारे मन मे आना स्वाभाविक है। वैसे तो Nakaratmak Soch  हमारे मन मे आने कि ढेरो वजह है।

निरंतर आने वाला अपयश यह उसकी एक प्रमुख वजह है। किसी काम को करते समय ऐसा सोचना हमारा स्वभाव बन सकता है।

जैसे किसी चीज को पाने कि लगातार कोशिश करने के बावजुद भी सफलता हात नही लगती। हम अपने आपको कोसने लग जाते है ।

                               मै Business नहीं कर सकता, मुझे Marketing नहीं आएगी। ऐसी ढेरो नकारात्मक बातें हम सोचते है। कभी कभी घर से भी अपने Negative सोच की शुरुवात होती है।  बातो बातो में हमारे अपने करीबी हमें किसी चीज को करने से रोक देते है। हमें  Negative सोचने के लिए  मजबूर कर देते है। 

याद कीजिये बचपन में हमारी सब की कुछ न कुछ hobby रही होगी। पर उस hobby को आज आपने भुला दिया होगा।

उस वक्त आपको किसीने उस hobby के लिए प्रोत्साहित नही किया हो,  या कह दिया हो “बेटा ये अपना काम नहीं ये hobby छोड़ दो”.

आपने छोटे बच्चो को देखा होगा, उनकी सोच में कितनी सकारात्मकता होती है।

लेकिन जैसे जैसे उनकी उम्र बढती जाती है। जीवन में आने वाले उतार-चढाव के कारन Surrounding के कारन हम नकारात्मकता के भवर में डूबते जाते है।

हमें सकारात्मक सोच लाने के लिए क्या करना चाहिए।  कैसी आदतों का अंगीकार करना है ये सब हमारे ऊपर निर्भर करता है।

कुछ बातें है जो Negative सोच को बदलने में कारगर साबित होती है, अब हम बात करेंगे उसके उपायों के बारे में.

Nakaratmak Soch वाले लोगो से दूर रहे.

क्या आपके आस पास भी ऐसे लोग है जो आपको नकारात्मकता प्रदान करते है, हो सकता है वो हमारे घर के लोग लोग हो।

लेकिन हर बार वो नकारात्मक नहीं हो सकते। वो हमारी चिंता करते है इस वजह से भी वो हमे कुछ करने से रोक सकते है।

लेकिन कुछ लोग होते है जो ज्यादा ही Negative होते है।

अगर आपके आस पास आपके दोस्त या रिश्तेदार ऐसे हो जो Negative Thinking रखते हो।

कुछ भी नया करने से आपको रोके, उन्हें सुने पर यदि आपको अहसास हो वो आपको यूँही सलाह देकर गुमराह कर रहे है।

या जीस चीज के लिए वो आपको सलाह दे रहे हो, जिसका उनको कुछ भी ज्ञान नही बस आपको Demotivate कर रहे हो।

ऐसे इन्सान से दुरी बरते. क्यों कि बेवजह सलाह देने वाले लोग ही आपको Negativity के zone में लेकर जाते है।

जिस Field में आप अपना Interest दिखा रहे हो, उसी Field के इन्सान से सलाह मशवरा करना, उन्हें सुनना फायदेमंद हो सकता है.

हमेशा चेहरे पर १२ बजे रहते हो, मतलब जो इन्सान खुद ही चिंता में हो वो आपको क्या अच्छी  सलाह देगा।

Nakaratmak Soch के बहाने करने से बचे। 

कोई भी काम करने की अगर आपने ठानी है, उस काम को समय पर करने की कोशिश करे.

बहाने न बनाये. अपने आप को पूरी तरह से Motivate करे.

समय का सही सदुपयोग अगर आपने कर लिया, तो आपकी Life में कभी भी आपको Negativity से परेशान नही होना पड़ेगा।

हर तरह के काम में आपको सफलता मिलेगी.

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Positive सोच रखे। 

negative zone से निकलकर positive zone में अपने आपको ले जाने के लिए, सकारात्मक सोच बहोत फायदेमंद है। आपने देखा होगा, बारिश के दौरान सारे पक्षी आश्रय की तलाश करते है।

लेकिन बाज बादलों के ऊपर उड़कर बारिश को ही Avoid कर देता है। समस्याए common है, लेकिन आपका नजरिया इनमे Difference पैदा करता है।  इसलिए अपनी सोच को बदलना बेहद जरुरी है.

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तुलना करना बंद करे। 

अगर कोई आपका दोस्त किसी Competition या Job में कामयाबी हासिल करता है। तो आप खुश होने की बजाय खुद से तुलना करने लग जाते हो. ऐसा करने से आपके मन में खुद के लिये घृणा पैदा हो सकती है.

Nakaratmak Soch आपके ऊपर हावी हो ।  एक तो आप उस व्यक्ति को hate करोगे, या खुद को कोसना शुरू करेंगे। इस लिए तुलना करने से बचे। अपने कमजोरी का पता लगाये।

उस दोस्त की सलाह ले, उसने ऐसा क्या किया जिससे वह उस मुकाम पर है.

तुलना करने से आप केवल परेशांन होंगे. अपने काम  पर आप Concentrate नहीं कर पाएंगे।

हार जीत की चिंता ना करे। 

सफलता हमारा परिचय दुनिया को करवाती है , असफलता हमें दुनिया का परिचय करवाती है।

हार और जित ये एक सिक्के की दो बाजु है, कभी किसी और की तरफ कभी आप की तरफ ।

इस लिए प्रयास करे और अपने आप को हार की चिंता में न डुबोये  Negative Thinking से बचे.

लगातार हो रही हार से आपका confidence टूट सकता है.

पर खुद का confidence बढाने के लिए, अपनी इच्छा शक्ति और किसी प्रेरणा दाई व्यकित से सलाह ले.

उन कारणों का पता लगाये, जिस वजह से आपको हार का सामना करना पड रहा है.

चिंतन करे और ध्यान करे। 

गौतम बुध्ह ने कहा था “ जिसने अपने को वश में कर लिया, उसकी जीत को कोई भी हार में नहीं बदल सकता.”

अपने आप को अगर वश में करना है, तो ध्यान और चिंतन बहोत जरुरी है.

Meditation यानि ध्यान करने से सारी Negativity आपके अंतर मन से धीरे धीरे निकल जाएगी.

आज हमारी समस्या का मूल कारन यही है. हम खुद को समय नहीं दे रहे बस भागे जा रहे है.

खुद के अंतर मन में झाक कर देखने का सबसे प्रभावी माध्यम ध्यान और चिंतन है.

इस तरह से हम अपनी Negative Thinking को कम करके हमारे जीवन में Positive thinking को ला सकते है.

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