5 Ways To Prevent Smartphone Addiction & Internet Addiction In Child

आज कल बच्चो में Smartphone Addiction बेहद ज्यादा हो गया है, इसे कण्ट्रोल करना माता पिता के लिए एक चैलेंज बन गया है. आज Internet का इस्तेमाल करना हर जगह पर बढ़ गया है. अपने बच्चो को Technology के साथ रखने के लिए माता पिता अपने बच्चो को  Mobiles, Gadgets, लैपटॉप, गेमिंग Computers जैसी चीजे, आज खरीद कर देते है.

लेकिन बच्चा उस पर कोनसा गेम खेल रहा है. Smartphone पर क्या देख रहा है. कहीं वो गेमिंग और Smartphone Addiction में तो नहीं फ़स गया है. Internet पर क्या Browsing क्या कर रहा है इसके बारे में बहोत कम माता पिता जागरूकता से ध्यान देते है.

इसी के चलते बच्चे कुछ गलत चीजो के संपर्क में Internet पर आ जाते है.

माता पिता दोनों ही Job पर हो तो बच्चो का मनोरंजन होना चाहिए और वो कहीं बहार खेलने न जाये. इसी लिए उन्हें यह इलेक्ट्रॉनिक्स चीजे आजकल दी जाती है.

अभी हाल ही में Blue Whale गेम की वजह से बहोत से बच्चो ने सुसाइड कर लिया.

आज कल गेम खेलकर बच्चो में हिंसात्मक प्रवृत्ति ज्यादा पनप रही है, बच्चे गेम खेलने के लिए इतने ज्यादा उतावले रहते है के उनके हाथ में मोबाइल देने के लिए पेरेंट्स भी मजबूर हो गए है.

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छोटे बच्चो के तरफ ध्यान देना और उनको अपने रूम में अकेला छोड़ देना. उनके एक्टिविटी के तरफ ध्यान ना देना ऐसी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है. इनके चलते कहीं बार बच्चे गलत चीजो के संपर्क में आ जाते है.

बच्चे अगर कुछ ऑनलाइन देख रहे हो या गेम खेल रहे हो उनके एक्टिविटी को नोटिस करना आवश्यक है.

आज इस पोस्ट में हम आपको बच्चो को Smartphone Addiction से दूर कैसे रख सकते है इसके बारे में जानकारी देने वाले है.

Smartphone Addiction बच्चो में कम कैसे करे?

बेहद छोटी सी दिखने वाला यह smartphone हमारे ज़िन्दगी का कब हिस्सा बन गया हमें पता भी नहीं चला.

आज स्मार्टफोन के बगैर कोई काम होना भी जैसे दुशवार हो गया है.

अगर आप भी अपने बच्चो के सामने स्मार्टफोन पर घंटो बिताते है तो आपका बच्चा भी इसका अनुकरन करेगा।

यह सामान्य सी लगाने वाली बात अचानक कब रौद्र रूप धारन कर लेती है

इसका आपको अहसास भी नहीं होगा. बच्चो में आज Smartphone Addiction तेजी से बढ़ रहा है, मैदान में जाकर गेम कहलाने की बजाय बच्चे घर में मोबाइल, लैपटॉप पर ज्यादा वक्त बिताना पसंद कर रहे है.

इससे उनके शारीरिक और बौद्धिक क्षमता पर बेहद बुरा असर होने लगा है.

बच्चो में इस आदत को छुड़ाने के लिए हमें यानि पेरेंट्स को सबसे पहले बदलना होगा,

सबसे पहले आपको खुद की एडिक्शन को छोड़ना होगा, स्मार्टफोन, इंटरनेट ब्राउज़िंग की आदत और घंटो इंटरनेट पर बिताने की आदत ही आपके बच्चे की आदत को बिगड़ रही है.

आप ऑफिस से आने के बाद बच्चो से ज्यादा से ज्यादा बात कीजिये,

उन्हें बहार गेम खलेने के लिए प्रोत्साहित कीजिये, उन्हें पार्क में बहार घुमाने लेकर जाइये, उनके ऑनलाइन एक्टिविटी को कम करने के लिए उनपर रोक लगाइये, पढाई का समय और स्मार्टफोन को इस्तेमाल करने की सिमा को तय कीजिये, और भी बहोत चीजे आप कर सकते हो जिसे हमने आपको निचे बताया है।

Parents को Internet एक्टिविटी में शामिल  होना चाहिए. 

आज कल पेरेंट्स इतने व्यस्त हो गए है बच्चो को टाइम पास करने के लिए मोबाइल थमा देते है और खुद भी अपने स्मार्टफोन में व्यस्त रहते है. ऐसा करने से बच्चो में स्मार्टफोन का इस्तेमाल ज्यादा करने की आदत बन जाती है. फिर न चाहते हुए भी बच्चो के हाथ में मोबाइल देना पड़ता है.

एक समय ऐसा आता है के उन्ही मोबाइल देना पेरेंट्स की मज़बूरी बन जाती है.

बच्चो को स्मार्टफोन कुछ सीखने के हिसाब से देना और उन्हें केवल गेम खेलने के हिसाब से मोबाईल उनके हाथ में देना इन दोनों बातों में अंतर है,

जब तक आप उनसे बात कर के जरुरत के हिसाब से उन्हें चीजों का इस्तेमाल करना नहीं सिखाओगे तब तक बच्चे इस लत से दूर नहीं जा सकते,

जब भी आपका बच्चा इंटरनेट पर कोई एक्टिविटी कर रहा हो तो उसे वॉच करना आपका कर्तव्य है. उनके ब्राउज़िंग हिस्ट्री को आपको देखना होगा, आज कल गलत चीजों का प्रसार प्रचार पड गया है इसलिए प्रेरेंट को उनके इंटरनेट एक्टिविटी नजर रखना और उनको सही और गलत में फर्क समजाना बेहद जरुरी हो गया है.

जैसे वो कहा जाते है. कहा खेल रहे है. इसी तरह से पेरेंट्स को बच्चो के साथ ऑनलाइन दुनिया में शामिल होना चाहिए.

वो कोनसा गेम खेल रहे है, Internet पर क्या सर्फिंग कर रहे है ब्राउज़र history मे जाकर चेक करना चाहिए.

आप अपने System में मोनिटरिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके हर कंप्यूटर एक्टिविटी का रिकॉर्ड रख सकते है.

कंप्यूटर या लैपटॉप को हॉल में रखे.

बच्चो अगर लैपटॉप or गेमिंग कंप्यूटर आप लेकर देते हो तो इनको उनके बैडरूम में न लगाए।

इससे वो ज्यादा देर तक लैपटॉप और कंप्यूटर पर अपना वक्त गवाएंगे और उनके एक्टिविटी के बारे में आपको पता भी नहीं चलेगा।

गेमिंग कंप्यूटर या लैपटॉप को बच्चो के बेडरूम में न रखे ऐसी जगह रखे जहा उनपर आपकी आते जाते नजर बनी रहे.

बच्चो के बेडरूम की जगह अगर लैपटॉप/कंप्यूटर को आप हॉल में रखते है, तो आप आसानी से आप बच्चो पर ध्यान रख सकते है.

उनकी एक्टिविटी आप आसानी से देख सकते है.

Internet और गेम खेलने के Rules बनाये.

गेम खेलना या browsing करने का समय निर्धारित करे.

पढाई के वक्त लैपटॉप, कंप्यूटर और मोबाइल का इस्तेमाल करने से रोके.

रात को समय पर सोने से लेकर सही समय पर उठने की आदत बनाये.

रात को मोबाइल लैपटॉप और कंप्यूटर इस्तेमाल करने का समय निर्धारित करे.

Social Media पर ध्यान रखे कुछ.

Social Media का इस्तेमाल करते वक्त अनजान लोगों से दोस्ती करने से रोके, Social Media Friends की जाँच करते रहे.

अपनी निजी जानकरी किसी से शेयर न करने के लिए उन्हें शिक्षित करे.

स्मार्टफोन का कम इस्तेमाल Smartphone Addiction को रोकता है.

आप जानते है स्मार्टफोन का इस्तेमाल करना और स्मार्टफोन का सही ढंग से इस्तेमाल करना कितना जरुरी है.

स्मार्टफोन आज भलेही जरुरी चीज है लेकिन उसका इस्तेमाल लिमिट में करना भी उतना ही जरुरी है. हम सब जानते है जितना देर तक छोटे बच्चे स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते है उतना ही उनका Smartphone Addiction बढ़ते जाता है.

लेकिन उसके लिए सही मायने में जिम्मेदार कोन है?

क्या हम बढे उनके सामने अनावश्यक स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करते.

क्या उन छोटे बच्चो के मन में स्मार्टफोन को लेकर सबसे ज्यादा जिज्ञासा पैदा करने वाले लोग हम नहीं है.

आपको खुद के ऊपर संयम रखना होगा तभी आप अपने बच्चो को कण्ट्रोल कर पाएंगे.

किसी का बच्चा अगर जरुरत से ज्यादा इसका शिकार हुआ है तो वोह पेरेंट्स खुद जिम्मेदार है इन सब के लिए.

इस लिए हमें खुद को पहले इन सब को कण्ट्रोल करना होगा.

आपत्ति जनक बातों को शेयर न करने के लिए उन्हें Motivate करे.

अगर आप बच्चो के साथ प्यार से पेश आते है और उन्हें हर बात के लिए Suggest करते है.

तो वो आपसे हर बात शेयर करेंगे. कोई भी एक्टिविटी उनके साथ ऑनलाइन घटती है ऐसी बातों को शेयर करने के लिए प्रोत्साहित करे.

आप चाहे कितने भी बिजी क्यों ना हो उन्हें वक्त दे उनके साथ वक्त बिताये.

उनसे बातें करे. यह सब आप अपने बच्चो के लिए और उनके  ख़ुशी के लिए कर सकते है.

एक अच्छी और खुशहाल जिंदगी के लिए बच्चो के सामने लढाई झगडा ना करे जिससे  उनके नाजुक मन को ठेस लगे,

आशा करता हु आपको यह लेख पसंद आया होगा. इस Post को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे.

 

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