SWIFT Code Kya Hai? कैसे विदेश में पैसा भेजा जाता है ?

Swift Code kya hai?

अगर आप भी जानना चाहते है Swift Code kya hai ? तो यह पोस्ट पढ़ने के बाद आप पूरी तरह से जान जायेंगे Swift Code kya hai ? और Swift Code System कैसे काम करता है?  अगर आपको फॉरेन में बसे आपके किसी परिचित को पैसा भेजना हो? आज यह चीज बहोत आसान बन गई है. बैंक जाओ और पैसा ट्रान्सफर कर दो, दुनिया में कहिपर भी.

पर यह code कैसे काम करता है? इंटरनेशनल लेवल पर पैसा भेजने और सिक्यूरिटी के साथ पैसा ट्रांसफर करने की जिम्मेदारी SWIFT system की होती है.

 

इस प्रणाली में बहोत बड़ी संख्या में Massages का आदान प्रदान होता है.

जिसे बैंक्स और इतर फाइनेंसियल इंस्टीट्यूशन quickly, accurately और securely पैसे और इनफार्मेशन को सेंड और रिसीव करने का काम यह system करती है.

हर दिन करीब 10,000 Swift मेम्बर इंस्टीट्यूशन 24 लाख से ज्यादा messages नेटवर्क में भेजते है.

तो अब हम जानेंगे SWIFT क्या है? यह कैसे काम करता है? और यह पैसा कैसे कमाते है?

SWIFT Code kya hai ? : What is it?

SWIFT का मतलब होता है Society for Worldwide Inter bank Financial Telecommunications.

यह एक तरह का Massaging नेटवर्क system है जिसमे फाइनेंसियल इंस्टीट्यूशन इनफार्मेशन और इंस्ट्रक्शन को securely ट्रान्सफर किया जाता है.

Standardized system ऑफ़ Code का इस्तेमाल करके.

SWIFT system हर एक फाइनेंसियल इंस्टीट्यूशन को एक यूनिक कोड देती है.

जो 8 या 11 करैक्टर का होता है. इस कोड को अलग अलग नाम से जाना जाता है.

जैसे बैंक आइडेंटिफायरकोड, SWIFT code, SWIFT ID, or ISO 9362 code.

SWIFT System कोड किस तरह से दिए जाते है इसके बारे में हम जानेंगे.

एक ब्रांच लेते है जिसका नाम है HDFC main branch Mumbai, जिसका SWIFT कोड है

HDFCINBBXXX. SWIFT कोड 8 या 12 करैक्टर का होता है, जिसमे

फर्स्ट फोर करैक्टर : इंस्टीट्यूशन / बैंक का नाम (HDFC)

अगले दो करैक्टर : कंट्री कोड (IN).

अगले दो करैक्टर : लोकेशन / सिटी कोड (BB)

आखरी चार करैक्टर : ऑप्शनल होते है.

पर आर्गेनाईजेशन अपने लोकल branches के कोड इसे लगा सकती है.

जैसे मुझे भारत से पैसा भेजना है विदेश में रह रहे मेरे किसी फ्रेंड को.

इसके लिए जहा मेरा अकाउंट है उस branch में जाकर उस branch का स्विफ्ट कोड और मेरा अकाउंट नंबर उसे भेजना होगा,

फिर मेरा दोस्त जिस बैंक से पैसे लेना चाहता है उस branch में मेरा अकाउंट नंबर और स्विफ्ट कोड देगा.

उसके बाद स्विफ्ट system का इस्तेमाल करके भारत से एक massage जिस branch में पैसा जाना है वहा भेजा जायेगा.

उस Massage को Authenticate करने के बाद पैसो की लेन देन होती है.

SWIFT Code System केवल सिक्योर Massage भेजकर ऑथेंटिकेशन के लिए इस्तेमाल की जाती है.

एक बार विदेश में जो बैंक है उनको स्विफ्ट massage से कन्फर्मेशन मिल जाता है उसके बाद पैसे अकाउंट में ट्रान्सफर किये जाते है.

एक ध्यान देने वाली बात यह है इसमे SWIFT system केवल सिक्योर Massaging का काम करती है.

स्विफ्ट किसी तरह का फण्ड, सिक्यूरिटी अपने पास नहीं रखती और ना ही किसीका अकाउंट मैनेज करती है.

SWIFT Code System के पहले क्या था?

स्विफ्ट के पहले TELEX नाम की सर्विस अवेलेबल थी. जो इंटरनेशनल फण्ड ट्रांसफ़र के कन्फर्मेशन के लिए इस्तेमाल की जाती थी.

TELEX की स्पीड कम थी उसके सिक्यूरिटी फ्री massage फॉर्मेट में कुछ खामिया थी. TELEX के पास यूनिफाइड system ऑफ़ कोड का भाव था.

जैसे स्विफ्ट में बैंक्स के नाम से transaction को describe किया जाता है.

TELEX में sender को सभी transaction रिलेटेड matter लिखना होता था. उसके बाद receiver उस massage को Interpret और execute करता था.

जिसकी वजह से TELEX में बहोत से एरर रहते थे.
उन सभी एरर को दूर करते हुए SWIFT system के जरिये एक नया system 1947 में फॉर्म किया गया.

जिसमे सात इंटरनेशनल बैंक ने मिलकर एक cooperative सोसाइटी का निर्माण किया गया.

जिसकी मदत से ग्लोबल नेटवर्क को फॉर्म करके फाइनेंसियल massage को securely और timely manner में भेजा जाने लगा.

SWIFT System कोन इस्तेमाल करता है ?

शुरुवात के दिनों में SWIFT system का इस्तेमाल केवल नेटवर्क कम्युनिकेशन के जरिये ट्रेज़री और transaction के कामो में किया जाता था.

अपने डिजाईन को बढ़ाकर सिक्यूरिटी को मजबूत करने के साथ SWIFT की और से अपने सर्विसेस को बढाया गया.

जिसमे बैंक्स, ब्रोकरेज इंस्टीटयूट और ट्रेडिंग हाउसेस, सिक्योरिटीज डीलर, एसेट मैनेजमेंट कम्पनी, क्लीयरिंग हाउसेस, depositories, एक्सचेंज,

कॉर्पोरेट बिज़नस हाउसेस, ट्रेज़री मार्केट पार्टिसिपेंट एंड सर्विस प्रोवाइडर्स, फॉरेन एक्सचेंज एंड मनी ब्रोकर इनका समावेश है.

How Does SWIFT Make Money?

SWIFT यह एक cooperative सोसाइटी है. जिसमे इसके मेम्बर के माध्यम से SWIFT system मैनेज की जाती है.

इसके मेम्बर को शेयर ओनरशिप के हिसाब से क्लास्सेस में डिवाइड किया जाता है. सभी मेम्बर को one टाइम जोइनिंग फी और एनुअल सपोर्ट चार्जेस देने होते है.

SWIFT अपने यूजर को massage टाइप और length के हिसाब से चार्ज करता है.

यह चार्जेस बैंक के यूसेज वॉल्यूम के हिसाब से लगाये जाते है. बैंक्स के लिए अलग अलग massage वॉल्यूम के हिसाब से अलग चार्जेस लगाये जाते है.

SWIFT system की और से कुछ न्यू सर्विसेस लांच की गई है.

इस सर्विस में सभी हिस्ट्री डाटा को स्विफ्ट की तरफ से maintained किया जायेगा.

स्विफ्ट सर्विसेस में बिज़नस इंटेलिजेंस, रेफेरेंस डाटा , complacence सर्विसेस इन सभी सर्विस को समाविष्ट किया गया है.

आशा करता हु यह इनफार्मेशन जो SWIFT system के बारे में मैंने आपको दी है पसंद आई होगी.

Read: what is Shut Down, Sleep, Hibernate for Laptop?

Read: What is Search Engine? How Search Engine Works?

Leave a Comment